शांतिपर्व — महाभारत के अठारह पर्वों के इस मौलिक संक्षिप्त गद्य पुनर्कथन में भाग 2/2।
भीष्म बताते हैं कि कर्तव्य टकराने या परिस्थितियाँ बदलने पर धर्म का निर्णय जटिल हो सकता है। कथाओं और उदाहरणों से सत्य, दान, करुणा तथा आपद्धर्म की चर्चा होती है। शिक्षा सरल नियमों से आगे बढ़कर भावना, परिणाम और उत्तरदायित्व पर विचार कराती है। यह पर्व युद्ध के बाद समाज के पुनर्निर्माण का प्रश्न उठाता है।
नैतिक जटिलता और दुखद परिणामों सहित संपूर्ण कथाक्रम समझने के लिए अन्य पर्व भी क्रम से पढ़ें।
