अनुशासनपर्व — महाभारत के अठारह पर्वों के इस मौलिक संक्षिप्त गद्य पुनर्कथन में भाग 2/2।
भीष्म के जाने के बाद युधिष्ठिर को उस योद्धा के सहारे के बिना नेतृत्व करना है जिसने दशकों तक कुल की रक्षा की। सार्वजनिक न्याय, करुणापूर्ण शासन और सतत अध्ययन आवश्यक हो जाते हैं। उपदेश पाठकों से नैतिक समझ को व्यवहारिक सेवा में बदलने का आग्रह करते हैं।
नैतिक जटिलता और दुखद परिणामों सहित संपूर्ण कथाक्रम समझने के लिए अन्य पर्व भी क्रम से पढ़ें।
