स्वर्गारोहणपर्व — महाभारत के अठारह पर्वों के इस मौलिक संक्षिप्त गद्य पुनर्कथन में भाग 1/2।
समापन पर्व में युधिष्ठिर स्वर्ग और दुःख से जुड़े चकित करने वाले दृश्य देखते हैं। पुरस्कार, दोष और न्याय की उनकी समझ की फिर परीक्षा होती है। महायुद्ध के संघर्ष अंततः एक व्यापक दृष्टि से देखे जाते हैं और महाकाव्य अपने नायकों की अंतिम गति के साथ समाप्त होता है।
नैतिक जटिलता और दुखद परिणामों सहित संपूर्ण कथाक्रम समझने के लिए अन्य पर्व भी क्रम से पढ़ें।
