भक्ति कथाएँ
ध्रुव की अटूट भक्ति
बालक ध्रुव उपेक्षा से दुखी होकर स्थायी सम्मान पाने की इच्छा करते हैं। नारद के मार्गदर्शन में वे विष्णु का ध्यान करते हैं और अद्भुत दृढ़ता दिखाते हैं। उनकी साधना बाहरी मान्यता की आकांक्षा को प्रेम और आंतरिक स्थि
Lavora Bhagti Editorial · 2026-10-22 · हिंदी और अंग्रेज़ी

बालक ध्रुव उपेक्षा से दुखी होकर स्थायी सम्मान पाने की इच्छा करते हैं। नारद के मार्गदर्शन में वे विष्णु का ध्यान करते हैं और अद्भुत दृढ़ता दिखाते हैं। उनकी साधना बाहरी मान्यता की आकांक्षा को प्रेम और आंतरिक स्थिरता की अनुभूति में बदलती है। भक्ति कथाओं में ध्रुव तारा अटलता का प्रतीक बनता है।
यह लेख भक्ति-अध्ययन के लिए मौलिक परिचय है। जहाँ परंपराओं में अंतर हो, वहाँ विश्वसनीय ग्रंथ और अपनी परंपरा के मार्गदर्शन का आदर करें।
पाठ संबंधी सूचनायह हमारा मौलिक संक्षिप्त पुनर्कथन/मार्गदर्शक है; मूल ग्रंथ के समस्त श्लोक या किसी आधुनिक अनुवाद की प्रतिलिपि नहीं है। अलग परंपराओं में कुछ विवरण अलग हो सकते हैं।