हनुमान जी को सेवा, साहस, कौशल और विनम्रता की मूर्ति माना जाता है। कथाओं में उनका बाल्यकाल, राम से भेंट, लंका की छलाँग, सीता को सांत्वना तथा युद्ध में संजीवनी लाने के प्रसंग आते हैं। उनकी महानता केवल बल में नहीं, बल्कि उसे दूसरों के कल्याण में लगाने में है। भक्त प्रार्थना, सेवा और दृढ़ विश्वास के माध्यम से उनका स्मरण करते हैं।
यह लेख भक्ति-अध्ययन के लिए मौलिक परिचय है। जहाँ परंपराओं में अंतर हो, वहाँ विश्वसनीय ग्रंथ और अपनी परंपरा के मार्गदर्शन का आदर करें।


