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महाभारत · Vana Parva

यक्ष के प्रश्न

वनपर्व — महाभारत के अठारह पर्वों के इस मौलिक संक्षिप्त गद्य पुनर्कथन में भाग 2/2।

यक्ष के प्रश्न

वनपर्व — महाभारत के अठारह पर्वों के इस मौलिक संक्षिप्त गद्य पुनर्कथन में भाग 2/2।

वनवास के अंत की ओर भाइयों को एक रहस्यमय सरोवर मिलता है। चेतावनी न मानने पर वे एक-एक करके अचेत हो जाते हैं। युधिष्ठिर जीवन, न्याय, संयम और कर्तव्य पर यक्ष के प्रश्नों का उत्तर देते हैं। उनकी विवेकपूर्ण वाणी से परिवार सुरक्षित होता है। यह प्रसंग शक्ति से अधिक चरित्र के महत्त्व को बताता है।

नैतिक जटिलता और दुखद परिणामों सहित संपूर्ण कथाक्रम समझने के लिए अन्य पर्व भी क्रम से पढ़ें।

पाठ संबंधी सूचना

यह हमारा मौलिक संक्षिप्त पुनर्कथन/मार्गदर्शक है; मूल ग्रंथ के समस्त श्लोक या किसी आधुनिक अनुवाद की प्रतिलिपि नहीं है। अलग परंपराओं में कुछ विवरण अलग हो सकते हैं।

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