किष्किन्धाकाण्ड — 3 में से भाग 1। यह परंपरागत रामकथा का मौलिक गद्य पुनर्कथन है; मूल श्लोकों का शब्दशः अनुवाद नहीं।
पम्पा सरोवर के पास हनुमान दोनों राजकुमारों से मिलते हैं और उनकी स्थिति समझते हैं। वे राम को सुग्रीव से मिलाते हैं, जिन्हें उनके भाई वालि ने राज्य से दूर कर दिया है। राम और सुग्रीव परस्पर सहायता का संकल्प लेते हैं—सुग्रीव को न्याय और सीता की खोज में वानरों का सहयोग। हनुमान की बुद्धि और भक्ति आगे की कथा में विशेष महत्त्व रखती है।
यह प्रसंग धर्म, करुणा और निर्णयों के परिणाम पर विचार करने की प्रेरणा देता है। संपूर्ण कथा का क्रम समझने के लिए काण्ड के अगले अध्याय भी पढ़ें।
