LAVORA Bhagti
रामायण · Bala Kanda

अयोध्या और श्रीराम जन्म

बालकाण्ड — 3 में से भाग 1। यह परंपरागत रामकथा का मौलिक गद्य पुनर्कथन है; मूल श्लोकों का शब्दशः अनुवाद नहीं।

अयोध्या और श्रीराम जन्म

बालकाण्ड — 3 में से भाग 1। यह परंपरागत रामकथा का मौलिक गद्य पुनर्कथन है; मूल श्लोकों का शब्दशः अनुवाद नहीं।

महाराज दशरथ समृद्ध अयोध्या पर शासन करते हैं, किंतु संतान की इच्छा से व्याकुल हैं। ऋषियों के मार्गदर्शन में यज्ञ के बाद कौशल्या को राम, कैकेयी को भरत तथा सुमित्रा को लक्ष्मण और शत्रुघ्न प्राप्त होते हैं। चारों राजकुमार विद्या, शौर्य, संयम और परस्पर प्रेम में बढ़ते हैं। राम अपने विनम्र स्वभाव और सबके प्रति आदर के कारण विशेष प्रिय हैं।

यह प्रसंग धर्म, करुणा और निर्णयों के परिणाम पर विचार करने की प्रेरणा देता है। संपूर्ण कथा का क्रम समझने के लिए काण्ड के अगले अध्याय भी पढ़ें।

पाठ संबंधी सूचना

यह हमारा मौलिक संक्षिप्त पुनर्कथन/मार्गदर्शक है; मूल ग्रंथ के समस्त श्लोक या किसी आधुनिक अनुवाद की प्रतिलिपि नहीं है। अलग परंपराओं में कुछ विवरण अलग हो सकते हैं।

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