किष्किन्धाकाण्ड — 3 में से भाग 3। यह परंपरागत रामकथा का मौलिक गद्य पुनर्कथन है; मूल श्लोकों का शब्दशः अनुवाद नहीं।
वानर दल अनेक दिशाओं में खोज के लिए भेजे जाते हैं। अंगद के नेतृत्व में दक्षिणी दल, जिसमें हनुमान भी हैं, सुराग पाने में कठिनाई अनुभव करता है। पक्षीराज सम्पाति बताते हैं कि सीता समुद्र पार लंका में हैं। अब दल के सामने विशाल सागर की चुनौती है और हनुमान निर्णायक छलाँग के लिए तैयार होते हैं।
यह प्रसंग धर्म, करुणा और निर्णयों के परिणाम पर विचार करने की प्रेरणा देता है। संपूर्ण कथा का क्रम समझने के लिए काण्ड के अगले अध्याय भी पढ़ें।
