LAVORA Bhagti
रामायण · Yuddha Kanda

युद्ध, लक्ष्मण पर संकट और रावण-वध

युद्धकाण्ड — 3 में से भाग 2। यह परंपरागत रामकथा का मौलिक गद्य पुनर्कथन है; मूल श्लोकों का शब्दशः अनुवाद नहीं।

युद्ध, लक्ष्मण पर संकट और रावण-वध

युद्धकाण्ड — 3 में से भाग 2। यह परंपरागत रामकथा का मौलिक गद्य पुनर्कथन है; मूल श्लोकों का शब्दशः अनुवाद नहीं।

लंबा युद्ध दोनों पक्षों की परीक्षा लेता है। अनेक योद्धा वीरगति पाते हैं और लक्ष्मण गंभीर रूप से घायल होते हैं; प्रसिद्ध परंपरा में हनुमान संजीवनी युक्त पर्वत लेकर आते हैं। कुम्भकर्ण और मेघनाद मारे जाते हैं। अंततः राम रावण का सामना कर उसका वध करते हैं और सीता की बंदी अवस्था तथा अत्याचारी शासन का अंत होता है।

यह प्रसंग धर्म, करुणा और निर्णयों के परिणाम पर विचार करने की प्रेरणा देता है। संपूर्ण कथा का क्रम समझने के लिए काण्ड के अगले अध्याय भी पढ़ें।

पाठ संबंधी सूचना

यह हमारा मौलिक संक्षिप्त पुनर्कथन/मार्गदर्शक है; मूल ग्रंथ के समस्त श्लोक या किसी आधुनिक अनुवाद की प्रतिलिपि नहीं है। अलग परंपराओं में कुछ विवरण अलग हो सकते हैं।

संबंधित लेख