युद्धकाण्ड — 3 में से भाग 3। यह परंपरागत रामकथा का मौलिक गद्य पुनर्कथन है; मूल श्लोकों का शब्दशः अनुवाद नहीं।
युद्ध और सीता से पुनर्मिलन के बाद वनवास की अवधि समाप्त होती है। राम, सीता, लक्ष्मण और उनके साथी अयोध्या लौटते हैं। भरत बड़े भाई का स्वागत करते हैं और राम का राज्याभिषेक होता है। रामराज्य का आदर्श न्याय, उत्तरदायित्व, करुणा और प्रत्येक प्रजा के कल्याण की भावना का प्रतीक है।
यह प्रसंग धर्म, करुणा और निर्णयों के परिणाम पर विचार करने की प्रेरणा देता है। संपूर्ण कथा का क्रम समझने के लिए काण्ड के अगले अध्याय भी पढ़ें।
